तीस्ता सीतलवाड़ को पासपोर्ट नहीं मिला, सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया नियम
सुप्रीम कोर्ट ने तीस्ता सीतलवाड़ को कहा कि बिना यात्रा योजना पासपोर्ट नहीं मिलेगा। यात्रा का मकसद और जगह बताना जरूरी है, तभी राहत मिलेगी।
© Image credit: : अमर उजाला
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में तीस्ता सीतलवाड़ को पासपोर्ट जारी न करने के मामले में अपना स्पष्ट रुख जाहिर किया है। कोर्ट ने कहा कि पासपोर्ट मिलने के लिए आवेदनकर्ता को अपनी यात्रा योजना और यात्रा का मकसद स्पष्ट रूप से बताना आवश्यक है। बिना यात्रा की जानकारी के पासपोर्ट जारी करना संभव नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के अनुसार, पासपोर्ट आवेदन के समय यात्रा की जगह और मकसद की जानकारी देना अनिवार्य होगा। यह नियम इसलिए बनाया गया है ताकि पासपोर्ट का दुरुपयोग रोका जा सके और सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को ध्यान में रखा जा सके। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल यात्रा का उद्देश्य बताने से ही पासपोर्ट की मंजूरी नहीं मिलती, बल्कि आवेदन की पूरी प्रक्रिया और जांच के बाद ही निर्णय लिया जाएगा।
तीस्ता सीतलवाड़ जैसे मामलों में यह फैसला इसलिए अहम है क्योंकि इससे पासपोर्ट जारी करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी। इसके साथ ही, यह कदम सुरक्षा एजेंसियों को संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने में मदद करेगा। इससे देश की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी और पासपोर्ट के दुरुपयोग की संभावनाएं कम होंगी।
आम जनता के लिए यह फैसला यह संकेत देता है कि पासपोर्ट बनवाने के लिए यात्रा की स्पष्ट योजना प्रस्तुत करना जरूरी है। इससे आवेदन प्रक्रिया थोड़ी कठिन हो सकती है, लेकिन यह सुरक्षा के लिहाज से जरूरी कदम है। यात्रियों को अपनी यात्रा की पूरी जानकारी सही-सही देना होगी, ताकि उन्हें बिना किसी रुकावट के पासपोर्ट मिल सके।
इस फैसले के बाद, पासपोर्ट कार्यालयों में आवेदन प्रक्रिया और भी सख्त हो सकती है, जिससे गलत जानकारी देने वाले आवेदनकर्ताओं को आसानी से पहचाना जा सकेगा।
News Source: : अमर उजाला
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