गैरसैंण में स्थायी राजधानी के साथ बुनियादी सुविधाओं की कमी जारी
राज्य गठन के 25 साल बाद भी गैरसैंण को आवश्यक अवस्थापना सुविधाएं मिलने का इंतजार है, जिससे स्थानीय जनता और आंदोलनकारियों में निराशा है।
© Image credit: : अमर उजाला
उत्तराखंड की स्थायी राजधानी गैरसैंण आज भी कई बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। राज्य गठन के 25 साल बाद भी यहां आवश्यक अवस्थापना और प्रशासनिक सुविधाएं पूरी तरह विकसित नहीं हो पाई हैं। इस कारण स्थानीय जनता और आंदोलनकारियों में निराशा व्याप्त है।
गैरसैंण को उत्तराखंड की स्थायी राजधानी घोषित किए जाने के बाद भी यहां सरकारी कार्यालयों, आवासीय परिसर, स्वास्थ्य सेवाओं और परिवहन सुविधाओं का विकास अधूरा है। कई सरकारी विभागों के लिए अस्थायी इंतजाम किए गए हैं, जिससे कामकाज प्रभावित होता है। इसके साथ ही सड़क, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं में भी कमी महसूस की जा रही है।
राजधानी के रूप में गैरसैंण का विकास राज्य के प्रशासनिक कार्यों को सुचारू रूप से चलाने के लिए जरूरी है। बुनियादी सुविधाओं की कमी से न केवल सरकारी कामकाज में बाधा आती है, बल्कि स्थानीय लोगों की जीवन गुणवत्ता पर भी असर पड़ता है। इसके अलावा, स्थायी राजधानी का सही विकास राज्य की छवि और आर्थिक प्रगति के लिए भी आवश्यक है।
स्थानीय लोग और विभिन्न सामाजिक संगठन इस स्थिति को लेकर लंबे समय से आवाज उठा रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार को गैरसैंण के विकास पर विशेष ध्यान देना चाहिए ताकि यह राजधानी के रूप में अपनी भूमिका पूरी कर सके। आंदोलनकारियों ने भी कई बार प्रदर्शन कर इस मुद्दे को सरकार के समक्ष रखा है।
सरकार को गैरसैंण में बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। इसमें स्थायी सरकारी कार्यालयों का निर्माण, आवासीय सुविधाओं का विस्तार, और बेहतर सड़क व स्वास्थ्य सेवाओं का विकास शामिल है। इससे न केवल राजधानी का दर्जा मजबूत होगा, बल्कि स्थानीय लोगों का जीवन भी बेहतर होगा।
News Source: : अमर उजाला
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