चैत्र नवरात्रि 2026 दिन 2: मां ब्रह्मचारिणी पूजा विधि, मंत्र और आरती

चैत्र नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। मां का रूप सरल और सशक्त है। जानें पूजा का सही तरीका, भोग, मंत्र और आरती की पूरी जानकारी।

नवभारत टाइम्स

© Image credit: : नवभारत टाइम्स


चैत्र नवरात्रि 2026 के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा

चैत्र नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। इस दिन मां का रूप सरल लेकिन सशक्त माना जाता है, जो ज्ञान और तपस्या की प्रतिमूर्ति हैं। मां ब्रह्मचारिणी का अर्थ है वह माता जो ब्रह्मचर्य का पालन करती हैं, यानी संयम और आध्यात्मिक ज्ञान की देवी।

पूजा विधि और मंत्र

मां ब्रह्मचारिणी की पूजा में सबसे पहले साफ और स्वच्छ स्थान पर चित्र या मूर्ति स्थापित की जाती है। पूजा के दौरान लाल या सफेद फूल चढ़ाए जाते हैं। पूजा में जल, दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल का उपयोग होता है। पूजा के बाद मां ब्रह्मचारिणी के मंत्र का जाप किया जाता है, जो इस प्रकार है:

"ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः"

इस मंत्र का उच्चारण श्रद्धा और भक्ति के साथ करना चाहिए। इसके बाद आरती की जाती है, जिसमें दीपक जलाकर मां की स्तुति की जाती है।

भोग और आरती

पूजा के बाद मां को भोग चढ़ाया जाता है। आमतौर पर फल, मिठाई और विशेष रूप से साबूदाना खिचड़ी या फलाहार का भोग लगाया जाता है। आरती के समय भक्त दीपक लेकर मां के सामने चक्कर लगाते हैं और भजन गाते हैं। यह दिन मां ब्रह्मचारिणी से ज्ञान, संयम और आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त करने का अवसर माना जाता है।

महत्व और प्रभाव

मां ब्रह्मचारिणी की पूजा से मन में शांति, संयम और आत्मविश्वास बढ़ता है। यह दिन उन लोगों के लिए खास होता है जो ज्ञान की खोज में हैं या जीवन में नई शुरुआत करना चाहते हैं। चैत्र नवरात्रि के इस दूसरे दिन की पूजा से भक्तों को मानसिक और आध्यात्मिक बल मिलता है, जो जीवन के हर क्षेत्र में मददगार साबित होता है।

News Source: : नवभारत टाइम्स

🧠 SHORGUL Educational Quiz

प्रश्न 1: चैत्र नवरात्रि के दूसरे दिन किसकी पूजा होती है?


Please LOGIN to Message 🔒

Conversation:-

और भी



Advertisements