छत्तीसगढ़ में स्कूली बच्चों से मजदूरी कराने का मामला, हाई कोर्ट ने जताया गंभीर संज्ञान
सूरजपुर जिले में स्कूली बच्चों से रेत और सीमेंट उठवाने के साथ दीवार पेंट करवाने का आरोप लगा है। परिजनों की शिकायत के बाद छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने इस मामले की जांच शुरू की है।
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सूरजपुर जिले में कुछ स्कूल के बच्चों से रेत और सीमेंट उठवाने के साथ-साथ दीवार पेंट करवाने का आरोप सामने आया है। इस मामले को लेकर बच्चों के परिजनों ने शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए जांच की मांग की है।
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे तुरंत जांच करें और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें। कोर्ट ने कहा है कि बच्चों से मजदूरी कराना न केवल गैरकानूनी है, बल्कि यह उनकी पढ़ाई और मानसिक विकास के लिए भी हानिकारक है।
स्कूली बच्चों से मजदूरी कराना भारत में बाल श्रम कानूनों के खिलाफ है। इस तरह के मामले बच्चों के अधिकारों के उल्लंघन को दर्शाते हैं और समाज में जागरूकता बढ़ाने की जरूरत को दिखाते हैं। हाई कोर्ट की त्वरित प्रतिक्रिया बच्चों के हितों की सुरक्षा की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
इस मामले की जांच से बच्चों को मजदूरी से बचाने और उन्हें सुरक्षित शिक्षा प्रदान करने में मदद मिलेगी। साथ ही, यह अन्य क्षेत्रों में भी बाल श्रम की रोकथाम के लिए एक मिसाल बनेगा। परिजन और समाज को भी इस प्रकार की गतिविधियों के खिलाफ सतर्क रहने की जरूरत है ताकि बच्चों का बचपन सुरक्षित रह सके।
News Source: : Live Hindustan
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