भारत में बच्चों का मोटापा: वर्ल्ड ओबेसिटी एटलस 2026 रिपोर्ट में बढ़ती चिंता
वर्ल्ड ओबेसिटी एटलस 2026 के अनुसार भारत में 4.1 करोड़ बच्चे ओवरवेट हैं। AIIMS ने इस स्वास्थ्य समस्या को लेकर गंभीर चेतावनी दी है।
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वर्ल्ड ओबेसिटी एटलस 2026 की ताजा रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि भारत में लगभग 4.1 करोड़ बच्चे ओवरवेट या मोटापे से ग्रस्त हैं। यह आंकड़ा देश के लिए एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बनता जा रहा है। मोटापा न केवल बच्चों की शारीरिक सेहत को प्रभावित करता है, बल्कि यह भविष्य में कई गंभीर बीमारियों का कारण भी बन सकता है।
वर्ल्ड ओबेसिटी एटलस 2026 ने विश्वभर के बच्चों और युवाओं में मोटापे की स्थिति का विश्लेषण किया है। भारत में बच्चों के मोटापे की संख्या में तेजी से वृद्धि देखी गई है, जो कि पिछले कुछ वर्षों में जीवनशैली में बदलाव और खान-पान की आदतों में बदलाव का परिणाम है। रिपोर्ट के अनुसार, शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में यह समस्या बढ़ रही है, हालांकि शहरी इलाकों में यह अधिक गंभीर है।
भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) ने भी इस रिपोर्ट पर चिंता जताते हुए कहा है कि बच्चों के मोटापे को नजरअंदाज करना भविष्य में स्वास्थ्य संकट को जन्म दे सकता है। AIIMS के विशेषज्ञों के अनुसार, मोटापा डायबिटीज, हृदय रोग, और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का मुख्य कारण बन सकता है। इसलिए समय रहते सही कदम उठाना जरूरी है।
मोटापे का असर बच्चों की दिनचर्या, शारीरिक गतिविधियों, और मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। इससे उनकी स्कूल में पढ़ाई और सामाजिक जीवन प्रभावित हो सकता है। परिवारों को चाहिए कि वे अपने बच्चों के खान-पान और व्यायाम पर विशेष ध्यान दें ताकि वे स्वस्थ जीवनशैली अपना सकें।
सरकारी और गैर-सरकारी संस्थाओं को भी इस दिशा में जागरूकता फैलाने और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए कदम उठाने होंगे। बच्चों में मोटापे को रोकना न केवल उनके स्वास्थ्य के लिए बल्कि देश के भविष्य के लिए भी जरूरी है।
News Source: : Vibes Of India
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