ताइवान पर चीन की सैन्य गतिविधि और कोरिया-जापान पर किम का दबाव
ईरान युद्ध के बीच चीन ताइवान पर सैन्य अभ्यास बढ़ा रहा है, जबकि उत्तर कोरिया जापान और दक्षिण कोरिया पर मिसाइल दबाव बना रहा है। क्या यह अमेरिका-इजरायल पर प्रॉक्सी दबाव है या कहीं असली हमला होने वाला है?
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हाल ही में चीन ने ताइवान के आसपास अपनी सैन्य गतिविधियों को बढ़ा दिया है। चीन की यह कार्रवाई ऐसे समय में आई है जब दुनिया के कई हिस्सों में तनाव बढ़ा हुआ है। चीन ने ताइवान के आस-पास युद्धपोत और लड़ाकू विमान तैनात कर बड़े पैमाने पर सैन्य अभ्यास शुरू किया है। इसका मकसद क्षेत्र में अपनी ताकत का प्रदर्शन करना बताया जा रहा है।
वहीं दूसरी ओर, उत्तर कोरिया ने जापान और दक्षिण कोरिया की तरफ मिसाइल परीक्षणों के जरिए दबाव बढ़ाया है। यह मिसाइल परीक्षण क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं। उत्तर कोरिया का यह कदम अमेरिका और उसके सहयोगियों के साथ तनाव को और बढ़ा सकता है।
चीन और उत्तर कोरिया की इन गतिविधियों को वैश्विक सुरक्षा के लिहाज से गंभीर माना जा रहा है। ताइवान के आसपास चीन का सैन्य अभ्यास और कोरिया-यापन पर मिसाइल दबाव से क्षेत्रीय स्थिरता पर असर पड़ सकता है। यह तनाव अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के लिए भी चुनौती बन सकता है।
इन घटनाओं का सीधा असर स्थानीय जनता और क्षेत्र के देशों की सुरक्षा पर पड़ेगा। सामान्य नागरिकों के लिए यह स्थिति चिंता का कारण है क्योंकि किसी भी समय तनाव बढ़कर बड़े संघर्ष का रूप ले सकता है।
इस समय चीन और उत्तर कोरिया की सैन्य गतिविधियां विश्व राजनीति में तनाव बढ़ाने वाली घटनाओं में शामिल हैं। हालांकि अभी तक कोई बड़ा सैन्य संघर्ष शुरू नहीं हुआ है, लेकिन इन घटनाओं पर नजर रखना जरूरी है ताकि समय रहते उचित कदम उठाए जा सकें।
News Source: : AajTak
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