चचरी पुल पर खतरा, लोग मजबूर होकर घर जाते हैं Darbhanga में
दरभंगा के भरडीहा गांव के लोग आज भी टूटे-फूटे बांस के चचरी पुल से गुजरते हैं। बारिश में हादसों का डर बना रहता है। ग्रामीण स्थायी पुल की मांग कर रहे हैं, पर अभी तक कोई हल नहीं निकला।
© Image credit: : प्रभात खबर
दरभंगा जिले के भरडीहा गांव में स्थित चचरी पुल की हालत बेहद खराब है। यह पुल बांस और लकड़ी से बना है, जो कई जगहों पर टूट-फूट चुका है। बारिश के मौसम में इस पुल से गुजरना ग्रामीणों के लिए खतरे से खाली नहीं रहता।
चचरी पुल गांव के लोगों के लिए मुख्य आवागमन का जरिया है। इसके टूटे-फूटे होने की वजह से कई बार लोग घर से बाहर निकलने में असमर्थ हो जाते हैं। खासकर बारिश के दिनों में पुल फिसलन भरा और कमजोर हो जाता है, जिससे गिरने का खतरा बना रहता है। इससे न केवल लोगों की सुरक्षा प्रभावित होती है, बल्कि उनकी रोजमर्रा की जिंदगी भी बाधित होती है।
भरडीहा गांव के लोग लंबे समय से इस पुल की मरम्मत या स्थायी पुल बनाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि मौजूदा पुल अस्थायी और कमजोर है, जो किसी भी वक्त टूट सकता है। हालांकि, अभी तक प्रशासन की ओर से इस समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है। ग्रामीणों का कहना है कि वे बार-बार शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं देख पा रहे हैं।
इस पुल की खराब स्थिति के कारण बच्चे स्कूल जाने में दिक्कत महसूस करते हैं, वहीं बुजुर्ग और महिलाएं भी सुरक्षित यात्रा नहीं कर पातीं। इसके अलावा, स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच भी प्रभावित होती है क्योंकि मरीजों को अस्पताल ले जाना मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों को मजबूरन जोखिम उठाकर इस पुल से गुजरना पड़ता है।
आशा की जानी चाहिए कि संबंधित अधिकारी जल्द ही इस गंभीर समस्या को समझेंगे और भरडीहा गांव के लिए एक मजबूत और सुरक्षित पुल का निर्माण सुनिश्चित करेंगे।
News Source: : प्रभात खबर
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