राष्ट्रपति के बंगाल दौरे में प्रोटोकॉल उल्लंघन पर छत्तीसगढ़ के डिप्टी CM का बयान
छत्तीसगढ़ के डिप्टी CM विजय शर्मा ने कहा कि राष्ट्रपति महोदया अनुसूचित जनजाति से हैं और एक गरीब परिवार से आने के बावजूद इतने बड़े पद पर पहुंचीं, उनका सम्मान न करना सही नहीं है।
स्रोत: : ABP News
हाल ही में राष्ट्रपति की पश्चिम बंगाल यात्रा के दौरान प्रोटोकॉल उल्लंघन की खबरें सामने आईं। इस मामले पर छत्तीसगढ़ के डिप्टी मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति महोदया अनुसूचित जनजाति से हैं और एक गरीब परिवार से आने के बावजूद देश के सबसे बड़े संवैधानिक पद पर पहुंची हैं। ऐसे में उनका सम्मान करना हमारा कर्तव्य है और प्रोटोकॉल का उल्लंघन सही नहीं माना जा सकता।
राष्ट्रपति के दौरे के दौरान कुछ स्थानीय अधिकारियों और सुरक्षा कर्मियों द्वारा निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया। इससे राष्ट्रपति के सम्मान में कमी आई और यह मामला मीडिया में भी चर्चा का विषय बना। प्रोटोकॉल उल्लंघन से न केवल संवैधानिक मर्यादा पर सवाल उठे, बल्कि देश के सर्वोच्च पद के प्रति सम्मान की भावना को भी चोट पहुंची।
राष्ट्रपति भारत के राष्ट्र प्रमुख होते हैं और उनका सम्मान सभी के लिए आवश्यक होता है। विशेष रूप से जब राष्ट्रपति किसी अनुसूचित जनजाति से आती हैं और गरीबी से संघर्ष कर देश के सर्वोच्च पद तक पहुंची हैं, तो उनका सम्मान और भी ज्यादा जरूरी हो जाता है। प्रोटोकॉल उल्लंघन ऐसे मामलों में संवैधानिक गरिमा को कमजोर करता है।
राष्ट्रपति के प्रति सम्मान की कमी से आम जनता में भी असंतोष और भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है। यह घटना संवैधानिक पदों के प्रति सम्मान की भावना को प्रभावित कर सकती है। साथ ही, यह सामाजिक न्याय और समानता के सिद्धांतों पर भी प्रश्न चिन्ह लगाती है।
डिप्टी CM विजय शर्मा के बयान से यह स्पष्ट होता है कि देश के नेताओं को संवैधानिक पदों के प्रति सम्मान बनाए रखना चाहिए और प्रोटोकॉल का पालन करना जरूरी है। इससे न केवल पद की गरिमा बनी रहती है, बल्कि समाज में एकता और सम्मान की भावना भी मजबूत होती है।
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