UPSC में फर्जी रैंक दिखाकर पूर्व विधायक रंजीत यादव ने दिया मोटिवेशनल ज्ञान
शेखपुरा के पूर्व विधायक रंजीत कुमार ने खुद को UPSC परीक्षा में 440वीं रैंकधारी बताया, लेकिन वह अब फरार हैं। फरार होने से पहले उन्होंने मंचों पर लोगों को प्रेरित करने वाले विचार साझा किए थे।
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शेखपुरा के पूर्व विधायक रंजीत कुमार ने खुद को यूपीएससी परीक्षा में 440वीं रैंकधारी बताया था। हालांकि, बाद में यह सामने आया कि उनकी यह रैंक असली नहीं थी। इस मामले में वे अब फरार हैं।
रंजीत यादव ने विभिन्न मंचों पर खुद को सफल यूपीएससी उम्मीदवार बताते हुए लोगों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा था कि अगर वे कर सकते हैं तो कोई भी कर सकता है। लेकिन जांच में पता चला कि उन्होंने UPSC की असली रैंक नहीं दिखाई। इस खुलासे के बाद उनका नाम विवादों में आ गया और वे पुलिस की तलाश में हैं।
UPSC जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में फर्जी रैंक दिखाना न केवल धोखाधड़ी है, बल्कि इससे परीक्षा की विश्वसनीयता भी प्रभावित होती है। ऐसे मामलों से युवाओं के बीच गलत संदेश जाता है और परीक्षा प्रणाली पर शक होता है।
रंजीत यादव जैसे नेता का ऐसा व्यवहार युवाओं को गलत दिशा में ले जा सकता है। प्रेरणा देने के बजाय यह घोटाला युवाओं के मन में निराशा पैदा करता है। साथ ही, यह बताता है कि सफलता के लिए शॉर्टकट अपनाना कितना खतरनाक हो सकता है।
अधिकारियों ने मामले की जांच तेज कर दी है और फरार रंजीत यादव को पकड़ने के प्रयास जारी हैं। इस घटना से साफ है कि समाज में ईमानदारी और सत्यता का महत्व कितना जरूरी है।
News Source: : नवभारत टाइम्स
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