F-16 फाइटर जेट की बिक्री: अमेरिका ने किन देशों को दिया, भारत क्यों नहीं?
यूक्रेन युद्ध में रूसी Su-35 ने अमेरिकी F-16 को मार गिराया, जिससे इस जेट की विश्वसनीयता पर सवाल उठे। जानिए भारत ने इस डील को क्यों ठुकराया।
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अमेरिका के F-16 फाइटर जेट विश्व के कई देशों की वायु सेना में इस्तेमाल होते हैं। हाल ही में यूक्रेन युद्ध के दौरान रूसी Su-35 ने F-16 को मार गिराने की घटना ने इस जेट की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अमेरिका ने अब तक मध्य पूर्व, दक्षिण पूर्व एशिया, और यूरोप के कई देशों को यह जेट बेचा है, लेकिन भारत को यह डील नहीं मिली है।
भारत ने F-16 खरीदने से इसलिए इंकार किया क्योंकि देश अपनी रक्षा जरूरतों के लिए अधिक आत्मनिर्भर बनना चाहता है। इसके अलावा, भारत पहले ही अपने होनहार तेजस जेट का विकास कर रहा है और रूस से भी सुखोई जैसे जेट खरीद चुका है। F-16 की विश्वसनीयता पर उठे सवाल भी भारत के निर्णय को प्रभावित कर सकते हैं। इसके अलावा, भारत ने अमेरिका की बजाय फ्रांस और रूस जैसे देशों से भी रक्षा उपकरण खरीदने की प्राथमिकता दी है।
F-16 की विश्वसनीयता पर सवाल उठने से उन देशों की वायु सेना को चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है जो इस जेट पर निर्भर हैं। वहीं भारत के लिए यह निर्णय अपनी रक्षा नीति को मजबूत करने का संकेत है। भारत की अपनी तकनीक और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने की रणनीति से देश की सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।
इस तरह, F-16 की बिक्री और भारत के इस डील से दूरी बनाने के पीछे कई रणनीतिक और तकनीकी कारण हैं, जो देश की रक्षा सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं।
News Source: : ABP News
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