कम कैलोरी खाने से दिमाग की उम्र पर क्या होता है असर? नई रिसर्च में खुलासा
उम्र बढ़ने के साथ दिमाग की न्यूरॉन्स की कार्यक्षमता कम होती है और मायलिन शीथ कमजोर पड़ती है, जिससे दिमाग के व्हाइट मैटर की गुणवत्ता प्रभावित होती है।
स्रोत: : Jansatta
हाल ही में हुई एक नई रिसर्च में यह पाया गया है कि कम कैलोरी युक्त आहार दिमाग की उम्र पर सकारात्मक असर डाल सकता है। उम्र बढ़ने के साथ हमारे दिमाग की न्यूरॉन्स की कार्यक्षमता कम होने लगती है और मायलिन शीथ कमजोर पड़ती है। मायलिन शीथ दिमाग के व्हाइट मैटर की गुणवत्ता बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती है। इस अध्ययन ने यह दिखाया है कि कैलोरी की मात्रा कम करने से दिमाग की उम्र धीमी हो सकती है और मायलिन शीथ की रक्षा हो सकती है।
दिमाग के व्हाइट मैटर की गुणवत्ता में गिरावट से स्मरण शक्ति और सोचने की क्षमता प्रभावित होती है। जब मायलिन शीथ कमजोर पड़ती है, तो न्यूरॉन्स के बीच संचार धीमा हो जाता है, जिससे दिमागी कमजोरी और याददाश्त में कमी आ सकती है। इस रिसर्च के अनुसार, कम कैलोरी वाला आहार दिमाग के इस प्राकृतिक गिरावट को रोकने में मदद कर सकता है। यह जानकारी खासकर बुजुर्गों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे उनकी मानसिक सेहत बेहतर बनी रह सकती है।
जो लोग अपने आहार में कैलोरी की मात्रा नियंत्रित करते हैं, उन्हें दिमागी स्वास्थ्य में सुधार देखने को मिल सकता है। हालांकि, यह जरूरी है कि कैलोरी कम करने का तरीका संतुलित और पोषणयुक्त हो ताकि शरीर को आवश्यक तत्व मिलते रहें। इस रिसर्च के परिणामों से यह संकेत मिलता है कि स्वस्थ जीवनशैली के साथ कैलोरी नियंत्रण दिमाग की उम्र को धीमा कर सकता है और मानसिक तंदरुस्ती बनाए रख सकता है।
इस अध्ययन से यह भी स्पष्ट होता है कि दिमाग की देखभाल के लिए सिर्फ दवाईयां ही नहीं, बल्कि सही आहार भी उतना ही जरूरी है। आने वाले समय में इस विषय पर और शोध किए जाएंगे ताकि और बेहतर सुझाव दिए जा सकें।
स्रोत: : Jansatta
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