बाघ जैसी कानूनी सुरक्षा के बावजूद 'रेड सैंड बोआ' का शिकार
तेलंगाना में काले बाजार में 'रेड सैंड बोआ' सांप की कीमत करोड़ों तक पहुंचती है, जानिए कैसे हुआ इसके अवैध कारोबार का खुलासा।
© Image credit: : ABP News
तेलंगाना में हाल ही में एक दुर्लभ और कानूनी रूप से संरक्षित प्रजाति, 'रेड सैंड बोआ' सांप का अवैध शिकार और तस्करी का मामला सामने आया है। इस सांप को बाघ जैसी कड़ी कानूनी सुरक्षा मिली हुई है, लेकिन इसके बावजूद इसका काला बाजार में कारोबार बढ़ता जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि इस सांप की कीमत काले बाजार में करोड़ों रुपये तक पहुंच जाती है, जिससे तस्करों की सक्रियता बढ़ रही है।
रेड सैंड बोआ को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत संरक्षित प्रजाति माना गया है। इसे पकड़ना, रखना या बेचना पूरी तरह से गैरकानूनी है। इस सांप की अनोखी लाल रेत जैसी त्वचा और दुर्लभता की वजह से इसकी मांग बढ़ी है। इस कारण तस्करों द्वारा इसे अवैध तरीके से पकड़कर काले बाजार में बेचा जा रहा है।
पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने एक बड़ी कार्रवाई में रेड सैंड बोआ के कई सांप बरामद किए हैं और कई तस्करों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से पता चलता है कि इस प्रजाति का अवैध व्यापार किस हद तक फैला हुआ है। इस तरह के अवैध कारोबार से न केवल प्रजाति की संख्या कम हो रही है, बल्कि पारिस्थितिकी तंत्र पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
इस मामले से यह साफ होता है कि वन्यजीव संरक्षण कानूनों का पालन करना कितना जरूरी है। अवैध शिकार और तस्करी रोकने के लिए जनता को जागरूक होना होगा और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना अधिकारियों को देनी होगी। इससे वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और उनकी प्राकृतिक संख्या बनी रहेगी।
News Source: : ABP News
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