हेपेटाइटिस C कॉम्बो थेरेपी पर भारत ने अमेरिकी कंपनी को पेटेंट से मना किया
भारतीय पेटेंट कार्यालय ने AbbVie की हेपेटाइटिस C दवा glecaprevirpibrentasvir पर पेटेंट मंजूर नहीं किया, जिससे दवा सस्ती और आम लोगों के लिए उपलब्ध होगी।
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भारतीय पेटेंट कार्यालय ने अमेरिकी फार्मा कंपनी AbbVie की हेपेटाइटिस C के इलाज में इस्तेमाल होने वाली कॉम्बो थेरेपी दवा glecaprevirpibrentasvir पर पेटेंट आवेदन को मंजूरी नहीं दी है। इस फैसले के बाद यह दवा भारत में सस्ती कीमत पर उपलब्ध हो सकेगी, जिससे आम जनता को फायदा होगा।
AbbVie ने glecaprevirpibrentasvir दवा के लिए पेटेंट आवेदन किया था, जो हेपेटाइटिस C के मरीजों के इलाज में उपयोग होती है। लेकिन भारतीय पेटेंट कार्यालय ने यह आवेदन खारिज कर दिया है। इसका मुख्य कारण यह बताया गया है कि दवा में नया कोई नवीन आविष्कार या पर्याप्त सुधार नहीं है जो पेटेंट के योग्य हो।
भारत में दवाओं पर पेटेंट मिलने या न मिलने का सीधा असर दवाओं की कीमत और उपलब्धता पर पड़ता है। AbbVie की यह दवा अगर पेटेंट के तहत आती, तो कंपनी इसे महंगे दामों पर बेच सकती थी। पेटेंट न मिलने से अन्य भारतीय कंपनियां इस दवा के जेनेरिक संस्करण बना सकती हैं, जिससे दवा की कीमत में काफी कमी आएगी।
हेपेटाइटिस C एक गंभीर बीमारी है, जिसका इलाज महंगी दवाओं से होता है। इस दवा के सस्ते उपलब्ध होने से ज्यादा मरीज इसका लाभ उठा सकेंगे। इससे खासकर उन लोगों को राहत मिलेगी जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और इलाज के खर्च से परेशान थे।
इस फैसले से भारत की दवा नीति और जन स्वास्थ्य के प्रति प्रतिबद्धता का भी पता चलता है, जहां मरीजों की पहुंच और दवाओं की किफायती कीमत को प्राथमिकता दी जाती है।
News Source: : Jagran
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