टीबी खतरे से बचाव के लिए मजबूत इम्युनिटी और सही डाइट जरूरी
लांसेट ग्लोबल हेल्थ रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 2023 में कुपोषण रोककर 7 लाख टीबी केस टाले जा सकते थे।
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टीबी (तपेदिक) एक गंभीर संक्रामक बीमारी है जो मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करती है। हाल ही में प्रकाशित लांसेट ग्लोबल हेल्थ रिपोर्ट में यह बताया गया है कि भारत में 2023 में कुपोषण को नियंत्रित करके करीब 7 लाख टीबी के नए मामले रोके जा सकते थे। यह रिपोर्ट टीबी से बचाव में पोषण और इम्युनिटी की अहमियत को उजागर करती है।
लांसेट ग्लोबल हेल्थ रिपोर्ट के अनुसार, भारत में टीबी के मामलों में कमी लाने के लिए केवल दवाओं पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। कुपोषण की वजह से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है, जिससे टीबी जैसे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। सही पोषण और मजबूत इम्युनिटी के बिना टीबी के प्रभावी नियंत्रण में बाधा आती है।
टीबी बैक्टीरिया से लड़ने के लिए शरीर की इम्युनिटी का मजबूत होना जरूरी है। यदि शरीर में पोषक तत्वों की कमी होती है, तो इम्युनिटी कमजोर हो जाती है और संक्रमण तेजी से फैलता है। इसलिए, संतुलित आहार जिसमें प्रोटीन, विटामिन, और खनिज शामिल हों, टीबी से बचाव में मददगार साबित होता है।
इस रिपोर्ट के आधार पर यह स्पष्ट होता है कि लोगों को टीबी से बचाव के लिए अपने भोजन और जीवनशैली पर ध्यान देना होगा। सही डाइट और पोषण से न केवल टीबी का खतरा कम होगा, बल्कि अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से भी बचाव होगा। स्वास्थ्य विभाग और सरकार को भी इस दिशा में जागरूकता बढ़ाने और कुपोषण को कम करने के लिए कदम उठाने होंगे।
मोटे तौर पर, टीबी से लड़ने के लिए दवाइयों के साथ-साथ मजबूत इम्युनिटी और सही पोषण बेहद जरूरी हैं। इस पर ध्यान देने से भारत में टीबी के मामलों में काफी कमी लाई जा सकती है।
News Source: : Jagran
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