होर्मुज जलसंधि में ईरान की डॉल्फिन से अमेरिकी जहाजों को खतरा
ईरान होर्मुज जलसंधि में अमेरिकी जहाजों को निशाना बनाने के लिए डॉल्फिन तकनीक का इस्तेमाल कर रहा है, जो शीत युद्ध की पुरानी तकनीक पर आधारित है।
© Image credit: : Live Hindustan
हाल ही में होर्मुज जलसंधि में ईरान द्वारा अमेरिकी नौसैनिक जहाजों को निशाना बनाने के लिए "डॉल्फिन" तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह तकनीक शीत युद्ध के दौर की पुरानी रणनीतियों पर आधारित है, जो अब फिर से क्षेत्रीय तनाव बढ़ाने का कारण बन रही है।
डॉल्फिन तकनीक एक प्रकार की पनडुब्बी या जलमग्न यंत्र है, जिसे खास तौर पर पानी के नीचे से दुश्मन के जहाजों या उपकरणों को निशाना बनाने के लिए विकसित किया गया है। इस तकनीक के जरिए ईरान होर्मुज जलसंधि में अमेरिकी जहाजों की सुरक्षा को चुनौती दे रहा है।
होर्मुज जलसंधि विश्व के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से विश्व के तेल का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है। इस क्षेत्र में किसी भी तरह की अस्थिरता वैश्विक तेल बाजार और समुद्री सुरक्षा को प्रभावित कर सकती है। ईरान का यह कदम क्षेत्रीय तनाव को बढ़ा सकता है और अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात के लिए खतरा पैदा कर सकता है।
इस तकनीक के इस्तेमाल से अमेरिकी नौसैनिक जहाजों की सुरक्षा पर सवाल उठते हैं, जिससे क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इसके अलावा, इस क्षेत्र से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है, जिससे वैश्विक व्यापार में बाधा आ सकती है।
इस स्थिति को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर इस क्षेत्र पर बनी हुई है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
News Source: : Live Hindustan
Continue with Google
Advertisements