ईरानी सांसद ने पाकिस्तान के मीडिएटर बनने पर जताई नाराजगी
वाइट हाउस की प्रेस सचिव ने कहा, स्थायी समझौते के लिए ईरान को यूरेनियम भंडार कम करना होगा, जिसे तेहरान बार-बार मना करता रहा है।
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हाल ही में ईरान के एक सांसद ने पाकिस्तान के मध्यस्थ बनने के प्रयासों पर अपनी असंतुष्टि व्यक्त की है। यह प्रतिक्रिया उस समय आई जब वाइट हाउस की प्रेस सचिव ने कहा कि स्थायी परमाणु समझौते के लिए ईरान को अपने यूरेनियम भंडार को कम करना होगा। तेहरान ने इस मांग को कई बार अस्वीकार किया है, जिससे बातचीत में ठहराव आया है।
वाइट हाउस की प्रेस सचिव ने स्पष्ट किया कि ईरान के साथ परमाणु समझौते को पुनर्जीवित करने के लिए जरूरी है कि तेहरान अपने यूरेनियम भंडार को कम करे। इसके जवाब में ईरानी सांसद ने पाकिस्तान के मध्यस्थ बनने के प्रयासों पर नाराजगी जताई, क्योंकि वे मानते हैं कि इस प्रक्रिया में उनकी संप्रभुता को नजरअंदाज किया जा रहा है।
ईरान और विश्व शक्तियों के बीच परमाणु समझौता वैश्विक सुरक्षा के लिए अहम है। यूरेनियम भंडार को कम करना समझौते की मुख्य शर्तों में से एक है। पाकिस्तान का मध्यस्थ बनना क्षेत्रीय राजनीति में नई चुनौतियां और अवसर दोनों ला सकता है। ईरानी सांसद की नाराजगी से पता चलता है कि इस प्रक्रिया में अभी भी कई मतभेद हैं।
यह स्थिति अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और क्षेत्रीय स्थिरता को प्रभावित कर सकती है। भारत समेत पड़ोसी देशों के लिए भी यह देखना जरूरी होगा कि कैसे ईरान-पाकिस्तान-अमेरिका के बीच बातचीत आगे बढ़ती है। आम लोगों के लिए इसका सीधा प्रभाव नहीं होगा, लेकिन क्षेत्रीय सुरक्षा और आर्थिक संबंधों पर इसका असर पड़ सकता है।
News Source: : Hindustan Hindi News
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