झारखंड हाईकोर्ट ने जंगलों के पास माइनिंग पर 500 मीटर की दूरी तय की
झारखंड हाईकोर्ट ने जंगलों की सुरक्षा के लिए माइनिंग और क्रशर के लिए 500 और 400 मीटर की दूरी नियम को फिर से लागू किया है। कोर्ट ने प्रदूषण बोर्ड को 1 जून तक रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।
झारखंड की जंगलों की सुरक्षा में बड़ा कदम! 🌳
झारखंड हाईकोर्ट ने पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए जंगलों के आसपास माइनिंग और क्रशर संचालन के लिए दूरी नियमों को फिर से लागू किया है। कोर्ट ने यह फैसला जंगलों की सुरक्षा और प्राकृतिक पर्यावरण के संतुलन को बनाए रखने के लिए लिया है।
हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि जंगलों के पास माइनिंग गतिविधियां कम से कम 500 मीटर की दूरी पर होनी चाहिए, जबकि क्रशर के लिए यह दूरी 400 मीटर निर्धारित की गई है। इससे पहले यह नियम कुछ समय के लिए स्थगित था, लेकिन अब इसे फिर से लागू कर दिया गया है। कोर्ट ने साथ ही राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देश दिया है कि वे 1 जून तक इस नियम के पालन की जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
झारखंड में माइनिंग गतिविधियां काफी अधिक हैं और कई बार ये जंगलों को नुकसान पहुंचाती हैं। जंगलों के पास माइनिंग से पर्यावरण प्रदूषण, जल स्रोतों का नुकसान और जैव विविधता पर असर पड़ता है। इस फैसले से जंगलों की सुरक्षा होगी और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में मदद मिलेगी।
इस आदेश का सीधा असर माइनिंग कंपनियों और क्रशर संचालकों पर पड़ेगा, जिन्हें अब निर्धारित दूरी का पालन करना होगा। इससे पर्यावरण की गुणवत्ता में सुधार होगा, जो स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य और जीवन स्तर के लिए लाभदायक होगा। साथ ही, जंगलों के संरक्षण से वन्यजीवों और प्राकृतिक संतुलन को भी फायदा होगा।
झारखंड हाईकोर्ट का यह कदम राज्य में पर्यावरण संरक्षण को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।
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