करीना कपूर ने फिल्मों में टॉक्सिक मैस्कुलिनिटी और हिंसा पर अपना नजरिया बताया
बॉलीवुड की करीना कपूर खान, कल्याणी प्रियदर्शन और अनन्या पांडे ने हाल ही में फिल्मों में बढ़ती हिंसा और टॉक्सिक मैस्कुलिनिटी को लेकर अपने विचार साझा किए। जानिए उन्होंने क्या कहा।
स्रोत: : AajTak
बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री करीना कपूर खान ने हाल ही में फिल्मों में बढ़ती हिंसा और टॉक्सिक मैस्कुलिनिटी पर अपने विचार साझा किए हैं। उन्होंने इस मुद्दे पर खुलकर बात की और बताया कि कैसे ये विषय समाज पर असर डालते हैं। करीना के साथ ही कल्याणी प्रियदर्शन और अनन्या पांडे ने भी इस विषय पर अपने अनुभव और विचार रखे।
करीना कपूर ने कहा कि फिल्मों में अक्सर पुरुष पात्रों को एक खास तरह के सख्त और हिंसक रूप में दिखाया जाता है, जिसे टॉक्सिक मैस्कुलिनिटी कहा जाता है। उन्होंने बताया कि यह सोच न केवल समाज में गलत संदेश देती है, बल्कि युवा पीढ़ी को भी प्रभावित करती है। इस तरह के किरदारों से यह धारणा बनती है कि पुरुषों को अपनी भावनाओं को दबाना चाहिए और हिंसा को समाधान मानना चाहिए।
करीना ने यह भी बताया कि फिल्मों में हिंसा को बढ़ावा देने से समाज में असहिष्णुता और तनाव बढ़ता है। उन्होंने कहा कि फिल्मकारों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि उनके किरदार और कहानियां सकारात्मक संदेश दें और हिंसा को बढ़ावा देने के बजाय समाधान निकालने पर जोर दें।
कल्याणी प्रियदर्शन और अनन्या पांडे ने भी इस मुद्दे पर अपनी बात रखी। दोनों ने माना कि फिल्मों में बदलाव की जरूरत है ताकि समाज में बेहतर सोच और समझ विकसित हो सके। उन्होंने कहा कि कलाकारों का जिम्मा बनता है कि वे ऐसी कहानियां प्रस्तुत करें जो समाज को सही दिशा में ले जाएं।
इस चर्चा से यह साफ होता है कि बॉलीवुड में टॉक्सिक मैस्कुलिनिटी और हिंसा पर सवाल उठाना जरूरी है। फिल्में समाज का एक बड़ा हिस्सा होती हैं और उनका असर लोगों की सोच पर पड़ता है। इसलिए इस तरह के मुद्दों पर खुलकर बात करना और सुधार की दिशा में कदम उठाना महत्वपूर्ण है।
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