झारखंड स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़ी कमी: एंबुलेंस न मिलने पर पिता ने नवजात का शव डिब्बे में रखकर किया पैदल सफर
पश्चिमी सिंहभूम के चक्रधरपुर में अस्पताल की लापरवाही के बाद नवजात की मौत हुई। एंबुलेंस न मिलने की वजह से पिता मजबूर होकर बच्चे के शव को कार्डबोर्ड डिब्बे में रखकर घर तक पैदल ले गया। पूरी घटना की जानकारी इस रिपोर्ट में।
© Image credit: : प्रभात खबर
पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर में स्वास्थ्य सेवा की गंभीर लापरवाही सामने आई है। यहां एक नवजात शिशु की मौत के बाद पिता को एंबुलेंस न मिलने की वजह से बच्चे के शव को कार्डबोर्ड डिब्बे में रखकर पैदल घर तक ले जाना पड़ा। यह घटना झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था में मौजूद कमियों को उजागर करती है।
चक्रधरपुर के एक अस्पताल में नवजात की हालत बिगड़ने पर तुरंत इलाज की जरूरत थी। परंतु, अस्पताल की तरफ से एंबुलेंस उपलब्ध नहीं कराई गई। मजबूर पिता ने बच्चे के शव को एक डिब्बे में रखकर पैदल ही घर तक सफर किया। इस दौरान उन्होंने कई किलोमीटर का रास्ता तय किया। इस घटना ने अस्पताल की लापरवाही और स्वास्थ्य सेवा की अनदेखी को सामने ला दिया है।
स्वास्थ्य सेवाओं का सही समय पर उपलब्ध होना जीवन बचाने के लिए बेहद जरूरी है। एंबुलेंस जैसी बुनियादी सुविधाओं का न मिलना न केवल मरीजों के लिए खतरा है, बल्कि यह सरकार की स्वास्थ्य नीतियों पर भी सवाल उठाता है। इस तरह की घटनाएं लोगों का अस्पतालों और स्वास्थ्य विभाग पर से भरोसा कम कर देती हैं।
आम जनता के लिए यह घटना चेतावनी है कि स्वास्थ्य सेवा की गुणवत्ता में सुधार की आवश्यकता है। मरीज और उनके परिवार अस्पतालों पर निर्भर रहते हैं, लेकिन जब बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं होतीं, तो उनकी जान को खतरा होता है। इससे ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में स्वास्थ्य सेवा की पहुंच और भी मुश्किल हो जाती है।
इस घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को जल्द से जल्द आवश्यक कदम उठाकर स्वास्थ्य सेवा को बेहतर बनाने की जरूरत है ताकि भविष्य में इस तरह की त्रासदियां न हों।
News Source: : प्रभात खबर
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