पोकरण परीक्षण पर पीएम मोदी का भारत की अडिगता पर बयान
प्रधानमंत्री मोदी ने 1998 के पोखरण परीक्षण को याद करते हुए बताया कि कैसे विश्व विरोध के बावजूद भारत ने अपनी ताकत दिखाई।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में 1998 में हुए पोखरण परमाणु परीक्षण को याद करते हुए भारत की मजबूती और अडिगता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि उस समय विश्व के कई देशों के विरोध के बावजूद भारत ने अपनी सुरक्षा और संप्रभुता के लिए निर्णायक कदम उठाया था।
पोकरण-2 नाम से जाने जाने वाले ये परमाणु परीक्षण मई 1998 में राजस्थान के पोखरण क्षेत्र में किए गए थे। इस परीक्षण ने भारत को परमाणु शक्ति संपन्न देश के रूप में स्थापित किया। यह कदम भारत की रक्षा नीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ, जिससे देश की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को बल मिला।
1998 के पोखरण परीक्षण के बाद भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई तरह के दबाव और प्रतिबंधों का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद भारत ने अपनी नीति में बदलाव नहीं किया और अपनी सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए। प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि यह भारत की संकल्प शक्ति और स्वाभिमान का प्रतीक था।
पोकरण परीक्षण ने भारत को एक मजबूत राष्ट्र के रूप में स्थापित किया, जिससे देशवासियों में गर्व की भावना बढ़ी। यह देश की सुरक्षा को सुनिश्चित करने वाला कदम था, जो आज भी भारत की रक्षा नीति की नींव माना जाता है। इस बयान से लोगों को यह याद दिलाया गया कि भारत ने कठिन परिस्थितियों में भी अपनी रक्षा और संप्रभुता के लिए कभी समझौता नहीं किया।
प्रधानमंत्री मोदी के इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि भारत अपनी सुरक्षा और स्वाभिमान के लिए हमेशा तैयार रहेगा और विश्व में अपनी ताकत का प्रदर्शन करता रहेगा।
News Source: : Live Hindustan
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