बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर में सनातन धर्म की शपथ जरूरी, सारा अली खान समेत गैर-हिंदुओं के लिए नियम

बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने गैर-सनातन धर्म के लोगों के प्रवेश पर रोक प्रस्तावित की है। अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि सारा अली खान जैसे गैर-हिंदू अगर सनातन धर्म की शपथ लेते हैं तो उन्हें दर्शन की अनुमति मिलेगी।

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बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने नए नियम लागू किए

उत्तराखंड के प्रसिद्ध बदरीनाथ और केदारनाथ मंदिरों में अब दर्शन के लिए सनातन धर्म की शपथ लेना अनिवार्य होगा। मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने इस नियम की जानकारी दी है। इसके तहत केवल वही व्यक्ति मंदिर में प्रवेश कर सकेंगे जिन्होंने सनातन धर्म की शपथ ली हो।

नया नियम क्यों जरूरी माना गया?

मंदिर समिति का कहना है कि यह कदम सनातन धर्म की परंपराओं और धार्मिक आस्था की रक्षा के लिए उठाया गया है। उन्होंने बताया कि मंदिरों की पवित्रता और धार्मिक महत्त्व को बनाए रखना प्राथमिकता है। इस नियम के बाद गैर-हिंदू धर्म के लोग मंदिर में बिना शपथ लिए प्रवेश नहीं कर पाएंगे।

सारा अली खान और अन्य गैर-हिंदुओं के लिए क्या होगा?

समिति अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि बॉलीवुड अभिनेत्री सारा अली खान जैसे गैर-हिंदू धर्म के लोग अगर सनातन धर्म की शपथ लेते हैं तो उन्हें दर्शन की अनुमति दी जाएगी। इसका मतलब है कि धर्म परिवर्तन या शपथ ग्रहण के बाद ही मंदिर में प्रवेश संभव होगा। यह नियम सभी गैर-हिंदू श्रद्धालुओं पर लागू होगा।

इसका प्रभाव श्रद्धालुओं पर

यह नया नियम मंदिरों के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को बढ़ावा देने का प्रयास है। हालांकि, इससे पहले कई बार विवाद और चर्चा होती रही है कि मंदिरों में सभी धर्मों के लोगों को प्रवेश मिलना चाहिए या नहीं। अब यह स्पष्ट नियम लागू होने से श्रद्धालुओं को अपनी धार्मिक आस्था के अनुरूप ही दर्शन का अवसर मिलेगा।

इस फैसले से मंदिरों की सुरक्षा और धार्मिक अनुशासन में भी सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है। साथ ही, यह कदम धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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प्रश्न 1: बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर में प्रवेश के लिए क्या जरूरी है?


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