ल्यूपस जांच के लिए एआई आधारित न्यूरल नेटवर्क प्रणाली विकसित, एसजीपीजीआई ने बढ़ाई जांच की सटीकता
संजय गांधी पीजीआई ने एम्स दिल्ली, पीजीआई चंडीगढ़ और आईआईटी दिल्ली के सहयोग से ल्यूपस की जांच के लिए एक नई एआई तकनीक बनाई है। यह न्यूरल नेटवर्क प्रणाली सूक्ष्म तस्वीरों का विश्लेषण कर बीमारी के नए पैटर्न पहचानती है, जिससे निदान और इलाज में सुधार होगा। अब तक 5000 से अधिक एएनए पैटर्न इस प्रणाली में शामिल किए जा चुके हैं।
स्रोत: : Jagran
संजय गांधी पोस्ट ग्रैजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एसजीपीजीआई) ने एम्स दिल्ली, पीजीआई चंडीगढ़ और आईआईटी दिल्ली के साथ मिलकर ल्यूपस बीमारी की जांच के लिए एक नई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित न्यूरल नेटवर्क प्रणाली विकसित की है। यह तकनीक ल्यूपस के निदान में सटीकता बढ़ाने के लिए सूक्ष्म तस्वीरों का गहराई से विश्लेषण करती है।
यह न्यूरल नेटवर्क प्रणाली 5000 से अधिक एंटी-न्यूक्लियर एंटीबॉडी (एएनए) पैटर्न का अध्ययन करके बीमारी के नए और जटिल पैटर्न की पहचान करती है। इन पैटर्न्स को समझने से डॉक्टरों को रोग की सही स्थिति का पता चलता है, जिससे इलाज में सुधार संभव होता है। यह तकनीक पारंपरिक जांचों की तुलना में अधिक तेज और सटीक परिणाम देती है।
ल्यूपस एक जटिल ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसकी पहचान करना अक्सर चुनौतीपूर्ण होता है। गलत या देर से निदान मरीजों के लिए गंभीर परिणाम ला सकता है। इस नई एआई प्रणाली से जांच की सटीकता बढ़ने से जल्द और सही इलाज संभव होगा, जिससे मरीजों की जीवन गुणवत्ता में सुधार होगा।
इस तकनीक के आने से अस्पतालों और लैब में ल्यूपस जांच अधिक विश्वसनीय और तेज होगी। मरीजों को कम समय में सही निदान मिलेगा, जिससे वे बेहतर उपचार शुरू कर सकेंगे। इसके अलावा, डॉक्टरों को बीमारी के नए पैटर्न समझने में मदद मिलेगी, जो भविष्य में और बेहतर उपचार विधियों के विकास में सहायक होगा।
इस पहल से भारत में ल्यूपस जैसी जटिल बीमारियों की जांच और इलाज के क्षेत्र में एक नई क्रांति आने की उम्मीद है।
स्रोत: : Jagran
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