शिमला आईजीएमसी क्रस्ना लैब में तीसरे दिन रिपोर्ट, सरकारी टेस्ट बंद

शिमला के आईजीएमसी क्रस्ना लैब में रिपोर्ट मिलना तीसरे दिन भी जारी, सरकारी लैब में मेजर टेस्ट एक सप्ताह से बंद, दूरदराज के मरीजों को हो रही दिक्कत।

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शिमला आईजीएमसी क्रस्ना लैब में तीसरे दिन भी रिपोर्ट जारी

शिमला के आईजीएमसी क्रस्ना लैब में कोरोना और अन्य मेडिकल टेस्ट की रिपोर्ट तीसरे दिन लगातार जारी हैं। यह स्थिति तब बनी है जब सरकारी लैब में मेजर टेस्ट लगभग एक सप्ताह से बंद पड़े हैं। इस वजह से मरीजों को रिपोर्ट मिलने में देरी हो रही है और दूरदराज के इलाकों से आने वाले लोगों को खासा नुकसान हो रहा है।

सरकारी लैब में टेस्ट बंद होने का कारण

सरकारी लैब में टेस्ट बंद रहने का मुख्य कारण तकनीकी खराबी और उपकरणों की मरम्मत बताया जा रहा है। इसके अलावा, लैब में स्टाफ की कमी भी समस्या को बढ़ा रही है। जब तक यह समस्या पूरी तरह से ठीक नहीं हो जाती, तब तक रिपोर्टिंग प्रक्रिया आईजीएमसी की क्रस्ना लैब पर निर्भर रहेगी।

मरीजों और स्वास्थ्य सेवा पर असर

सरकारी लैब में टेस्ट बंद होने से मरीजों को रिपोर्ट मिलने में देरी हो रही है। खासकर उन मरीजों को जो दूरदराज के इलाकों से आते हैं, उन्हें कई बार दोबारा आने की नौबत भी आ रही है। इससे इलाज में भी बाधा आ रही है और स्वास्थ्य सेवा पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।

आगे की योजना

स्वास्थ्य विभाग ने बताया है कि वे जल्द से जल्द सरकारी लैब की मरम्मत कर टेस्ट सेवा को पुनः चालू करने की कोशिश कर रहे हैं। साथ ही, आईजीएमसी की क्रस्ना लैब में रिपोर्टिंग प्रक्रिया को तेज करने के लिए अतिरिक्त संसाधन लगाए जा रहे हैं ताकि मरीजों को सुविधा मिल सके।

यह स्थिति मरीजों के लिए असुविधाजनक जरूर है, लेकिन प्रशासन इसे जल्द ठीक करने के लिए काम कर रहा है।

News Source: : Amar Ujala

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प्रश्न 1: सरकारी लैब में टेस्ट बंद रहने का मुख्य कारण क्या है?


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