हाइड्रोपोनिक्स तकनीक से बिना मिट्टी के उगेंगी टमाटर और शिमला मिर्च

भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान ने बताया कि हाइड्रोपोनिक्स विधि से टमाटर, शिमला मिर्च और पाक चोई सिर्फ 25 दिनों में उगाए जा सकते हैं। डॉ. लोकेंद्र सिंह के अनुसार इससे किसानों को जल्दी लाभ मिलेगा।

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हाइड्रोपोनिक्स तकनीक का परिचय

भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (ICAR) ने हाइड्रोपोनिक्स तकनीक के माध्यम से टमाटर, शिमला मिर्च और पाक चोई को बिना मिट्टी के उगाने का तरीका विकसित किया है। इस तकनीक में पौधों को मिट्टी के बजाय पोषक तत्वों से भरपूर पानी में उगाया जाता है। इससे खेती की प्रक्रिया तेज होती है और फसल जल्दी तैयार हो जाती है।

किसानों के लिए लाभ

डॉ. लोकेंद्र सिंह के अनुसार, हाइड्रोपोनिक्स विधि से टमाटर और शिमला मिर्च जैसी फसलें केवल 25 दिनों में उगाई जा सकती हैं। यह पारंपरिक खेती की तुलना में काफी कम समय है। इससे किसानों को जल्दी लाभ मिलेगा और वे अधिक बार फसल उगा सकेंगे। साथ ही, इस तकनीक में पानी की बचत होती है और कीटों की समस्या भी कम होती है।

इस तकनीक का महत्व

भारत जैसे देश में जहां कृषि पर निर्भरता अधिक है, वहां हाइड्रोपोनिक्स तकनीक किसानों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आई है। मिट्टी की कमी या खराब गुणवत्ता वाली जमीन होने पर भी यह तकनीक फसल उगाने में मददगार साबित हो सकती है। शहरी क्षेत्रों में भी इस तकनीक से घर के आस-पास ताजी सब्जियां उगाना आसान होगा।

उपभोक्ताओं पर प्रभाव

इस तकनीक से उगाई गई सब्जियां जल्दी बाजार में उपलब्ध होंगी, जिससे उपभोक्ताओं को ताजी और पौष्टिक सब्जियां मिलेंगी। साथ ही, उत्पादन बढ़ने से कीमतों में स्थिरता आ सकती है। इससे किसानों और उपभोक्ताओं दोनों को फायदा होगा।

कुल मिलाकर, हाइड्रोपोनिक्स तकनीक भारतीय कृषि क्षेत्र में नई क्रांति ला सकती है। यह पर्यावरण के अनुकूल और संसाधनों की बचत करने वाली विधि है, जो भविष्य में खेती के तरीके को बदल सकती है।

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प्रश्न 1: हाइड्रोपोनिक्स तकनीक में पौधे कैसे उगाए जाते हैं?


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