दिल्ली जेलों में पहली बार कैदियों को पेशेवर अपराधियों से अलग रखा जाएगा
दिल्ली की जेलों में पहली बार नए कैदियों को पेशेवर और आदतन अपराधियों से अलग रखने की नई व्यवस्था शुरू की गई है। तिहाड़ जेल नंबर-4 और मंडोली जेल नंबर-12 में इन्हें खास बैरक में रखा जाएगा।
© Image credit: : Live Hindustan
दिल्ली की जेलों में एक नई पहल शुरू की गई है जिसमें नए कैदियों को पेशेवर और आदतन अपराधियों से अलग रखा जाएगा। यह व्यवस्था तिहाड़ जेल नंबर-4 और मंडोली जेल नंबर-12 में लागू की गई है। इससे पहले, सभी कैदियों को एक साथ रखा जाता था, जिससे कई बार सुरक्षा और अनुशासन संबंधी समस्याएं सामने आती थीं।
इस नई व्यवस्था का उद्देश्य कैदियों के बीच अनुशासन बनाए रखना और जेल की सुरक्षा को बेहतर बनाना है। पेशेवर अपराधी अक्सर नए कैदियों पर गलत प्रभाव डालते हैं, जिससे जेल में हिंसा और आपराधिक गतिविधियां बढ़ती हैं। अलग बैरक में रखने से नए कैदी सुरक्षित रहेंगे और उन्हें सुधार के लिए बेहतर माहौल मिलेगा।
इस बदलाव से कैदियों को अपनी सजा के दौरान सुधार का मौका मिलेगा। नए कैदियों को पेशेवर अपराधियों से दूर रखने से उनकी मानसिक स्थिति बेहतर होगी और वे पुनर्वास की ओर अग्रसर हो सकेंगे। जेल प्रशासन के लिए भी यह व्यवस्था जेल के अंदर नियंत्रण बनाए रखना आसान बनाएगी।
हालांकि, यह पहल अभी केवल तिहाड़ जेल नंबर-4 और मंडोली जेल नंबर-12 में शुरू की गई है, लेकिन इसके सफल होने पर इसे अन्य जेलों में भी लागू करने की योजना बनाई जा सकती है। इससे जेलों में सुरक्षा और सुधार की प्रक्रिया को और मजबूती मिलेगी।
News Source: : Live Hindustan
Continue with Google
Advertisements