हेपेटाइटिस बी और सी के लक्षण सालों तक नहीं दिखते, लिवर धीरे खराब होता है
हेपेटाइटिस बी और सी भारत में गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन चुकी हैं। कई लोग इस बीमारी को अनदेखा कर देते हैं और उन्हें पता भी नहीं चलता कि वे लंबे समय से संक्रमित हैं। एक्सपर्ट बताते हैं इसके लक्षण और असर।
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हेपेटाइटिस बी और सी वायरस से होने वाली बीमारियाँ भारत में तेजी से बढ़ रही हैं। ये दोनों प्रकार के हेपेटाइटिस मुख्य रूप से लिवर को प्रभावित करते हैं। खास बात यह है कि इन संक्रमणों के लक्षण कई सालों तक दिखाई नहीं देते, जिससे मरीज को पता ही नहीं चलता कि वे संक्रमित हैं।
हेपेटाइटिस बी और सी के शुरुआती दौर में कोई खास लक्षण नहीं दिखते। कुछ मामलों में थकान, भूख में कमी, पेट के ऊपरी दाएं हिस्से में दर्द और कभी-कभी पीलिया जैसे हल्के लक्षण सामने आ सकते हैं। लेकिन अक्सर ये लक्षण नजरअंदाज कर दिए जाते हैं। धीरे-धीरे वायरस लिवर को नुकसान पहुंचाता है, जिससे सिरोसिस या लिवर कैंसर जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।
क्योंकि लक्षण नहीं दिखने के कारण लोग समय पर इलाज नहीं कराते, जिससे बीमारी बढ़ती रहती है। भारत में लाखों लोग इस संक्रमण के साथ बिना किसी जानकारी के जी रहे हैं। यदि समय रहते जांच और इलाज शुरू किया जाए, तो बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है और लिवर की गंभीर क्षति से बचा जा सकता है।
लोगों को चाहिए कि वे नियमित रूप से अपने स्वास्थ्य की जांच कराएं, खासकर यदि वे जोखिम वाले क्षेत्रों में रहते हैं या किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए हैं। हेपेटाइटिस बी के लिए वैक्सीनेशन उपलब्ध है, जो संक्रमण से बचाव करता है। वहीं, हेपेटाइटिस सी के लिए आधुनिक दवाइयां उपलब्ध हैं जो पूरी तरह ठीक कर सकती हैं। इस जानकारी से लोग जागरूक होकर अपनी सेहत का बेहतर ध्यान रख सकते हैं।
News Source: : Zee News
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