झारखंड बालू नियम 2026: बिना चालान ट्रैक्टर पर 5 लाख जुर्माना

झारखंड सरकार ने लघु खनिज नियम में बदलाव कर सरकारी ठेकेदारों के लिए रॉयल्टी पर बालू लेने की सुविधा खत्म की है। अब बालू केवल चालान के साथ ही उठाया जा सकेगा, वरना 5 लाख तक का जुर्माना लगेगा।

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झारखंड बालू नियम 2026 में बड़ा बदलाव

झारखंड सरकार ने बालू उत्खनन और परिवहन से जुड़े नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। नए नियमों के तहत अब बालू केवल चालान के साथ ही उठाया जा सकेगा। यदि कोई भी व्यक्ति या ठेकेदार बिना चालान के बालू उठाता पाया गया तो उस पर 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। यह नियम 2026 से प्रभावी होगा।

नए नियम की खास बातें

इस बदलाव के साथ ही लघु खनिज नियम में संशोधन किया गया है, जिसमें सरकारी ठेकेदारों के लिए रॉयल्टी पर बालू लेने की सुविधा बंद कर दी गई है। अब बालू खरीदने और ले जाने के लिए चालान अनिवार्य होगा। इससे बालू की अवैध खनन और परिवहन पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है।

यह बदलाव क्यों जरूरी है?

झारखंड में बालू की अवैध खनन और परिवहन एक बड़ी समस्या रही है, जिससे पर्यावरण को नुकसान के साथ-साथ राजस्व की हानि भी होती है। चालान प्रणाली को अनिवार्य करने से सरकार को बालू की सही मात्रा का पता चलेगा और अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण संभव होगा। इससे राज्य के खनिज संसाधनों का संरक्षण होगा और नियमों का पालन सुनिश्चित होगा।

उपभोक्ताओं और ठेकेदारों पर प्रभाव

नए नियम के लागू होने से ठेकेदारों को बालू खरीदते समय चालान लेना अनिवार्य होगा, जिससे उनकी जिम्मेदारी बढ़ेगी। उपभोक्ताओं को भी बालू खरीदते समय चालान की मांग करनी होगी। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और अवैध बालू बाजार पर प्रभाव पड़ेगा। नियम का उल्लंघन करने वालों को भारी जुर्माना भुगतना पड़ेगा, जिससे अवैध कारोबार में कमी आने की संभावना है।

सरकार का उद्देश्य इस कदम से बालू खनन को नियंत्रित करना और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना है। यह नियम 2026 से प्रभावी होगा और सभी संबंधित पक्षों को इसका पालन करना होगा।

News Source: : प्रभात खबर

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प्रश्न 1: झारखंड में बालू उठाने के लिए क्या जरूरी होगा?


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