झारखंड में 4 लाख छात्र प्रभावित, वित्तरहित शिक्षकों ने हड़ताल शुरू की

झारखंड के वित्तरहित शिक्षक 223 संस्थानों के अनुदान रुकने के खिलाफ सड़कों पर उतरे हैं। रांची से संताल परगना तक स्कूलों और मदरसों के गेट बंद, हाईकोर्ट जाने की तैयारी जारी है।

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झारखंड में वित्तरहित शिक्षकों की हड़ताल से 4 लाख छात्र प्रभावित

झारखंड के 223 शिक्षण संस्थानों के वित्तरहित शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर हड़ताल शुरू कर दी है। इस हड़ताल के कारण राज्य के लगभग 4 लाख छात्र शिक्षा से वंचित हो गए हैं। रांची से लेकर संताल परगना तक कई स्कूल और मदरसे बंद पड़े हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों में चिंता का माहौल है।

क्या है इस हड़ताल का कारण?

वित्तरहित शिक्षक वे शिक्षक हैं जिन्हें सरकार से अनुदान नहीं मिलता है और वे अपने वेतन का भुगतान संस्थानों से ही करते हैं। झारखंड में 223 ऐसे संस्थान हैं जिनका अनुदान रुक गया है, जिससे इन शिक्षकों को वेतन नहीं मिल पा रहा है। वेतन न मिलने के कारण शिक्षकों ने हड़ताल का रास्ता अपनाया है और अपनी मांगों को लेकर राज्य उच्च न्यायालय में भी जाने की तैयारी कर रहे हैं।

इस हड़ताल का छात्रों पर प्रभाव

हड़ताल के कारण स्कूल और मदरसे बंद हैं, जिससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। विशेषकर उन छात्रों के लिए यह स्थिति कठिन है जो बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। अभिभावक भी इस स्थिति से परेशान हैं और चाहते हैं कि सरकार जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान निकाले ताकि बच्चों की शिक्षा बाधित न हो।

सरकार और शिक्षकों के बीच क्या हो सकता है?

सरकार को इस मुद्दे पर जल्द ध्यान देना होगा ताकि वित्तरहित शिक्षकों के वेतन भुगतान की समस्या हल हो सके। शिक्षकों का कहना है कि वेतन न मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति खराब हो रही है और वे अपने कर्तव्यों का पालन नहीं कर पा रहे हैं। न्यायालय में मामला चल रहा है, जिससे उम्मीद है कि जल्द ही कोई समाधान निकलेगा।

इस हड़ताल ने झारखंड की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रभाव डाला है, और यह जरूरी हो गया है कि सभी पक्ष मिलकर इस समस्या का स्थायी समाधान निकालें।

News Source: : प्रभात खबर

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प्रश्न 1: झारखंड में वित्तरहित शिक्षकों की हड़ताल से कितने छात्र प्रभावित?


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